सितंबर 2025 का पूर्ण चंद्रग्रहण (Chandra Grahan) खगोलीय घटना है जिसे लोग “ब्लड मून” के नाम से भी जानते हैं। यह विशेष चंद्रग्रहण भारत में पूरे दृश्य होगा और इसका सांस्कृतिक, धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व बहुत बड़ा है।
1. चंद्रग्रहण की तारीख और समय (IST)
चंद्रग्रहण की समयावधि इस प्रकार है:
- पेनुम्ब्रल चंद्रग्रहण आरंभ: लगभग 8:58 PM पर, 7 सितंबर 2025
- पूर्ण चंद्रग्रहण (Totality): 11:00 PM to 12:22 AM, 7–8 सितंबर
- चंद्रग्रहण का चरम (Maximum): करीब 11:42 PM
- चंद्रग्रहण समाप्त: करीब 1:26 AM, 8 सितंबर
- पूर्ण अवधि: लगभग 3 घंटे 28 मिनट, जिसमें लगभग 82 मिनट पूर्ण चंद्रग्रहण रहेगा
2. भारत में दृश्यता (कहाँ देखें?)
इस दुर्लभ चंद्रग्रहण को भारत के किसी भी क्षेत्र से देखा जा सकता है, चाहे आप उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम या मध्य भारत में हों:
- उत्तर: दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, चंडीगढ़
- दक्षिण: बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोच्चि
- पश्चिम: मुंबई, पुणे, अहमदाबाद
- पूर्व: कोलकाता, भुवनेश्वर, गुवाहाटी
- मध्य: भोपाल, नागपुर, रायपुर
3. वैज्ञानिक व ज्योतिषीय महत्व
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
चंद्रग्रहण (Chandra Grahan) तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, जिससे चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ती है। वायुमंडलीय प्रकाश फैलने (Rayleigh scattering) की वजह से नीली किरणें बिखर जाती हैं, और लाल किरणें चंद्रमा पर पहुँचती हैं—जिससे वह लाल रंग में दृष्टिगोचर होता है।
ज्योतिषीय और धार्मिक संदर्भ
यह चंद्रग्रहण पितृपक्ष के आरंभ में आता है जो हिंदू संस्कृति में पूर्वजों की श्रद्धा का समय माना जाता है। इस कारण, चंद्रग्रहण (Chandra Grahan) के दौरान सूतक काल का पालन महत्त्वपूर्ण होता है, जिसमें धार्मिक अनुष्ठान और शुभ कार्य से कुछ समय पूर्व परहेज़ किया जाता है।
4. कैसे देखें: उपयोगी सुझाव
- सुरक्षा: चंद्रग्रहण सुरक्षित है—आप इसे बिना किसी विशेष चश्मे के देख सकते हैं।
- बेहतरीन लोकेशन: खाली छत, पार्क, मैदान — जहां हल्का प्रकाश न हो और पूरा आसमान साफ दिखें।
- फोटोग्राफ़ी टिप्स: ट्राइपॉड का उपयोग करें; मोबाइल में मैन्युअल सेटिंग या लंबी एक्सपोज़र (long exposure) से खूबसूरत फोटो मिल सकते हैं।

5. सूतक काल और पारंपरिक नियम
- सूतक काल चंद्रग्रहण के शुरू होने से करीब 9 घंटे पूर्व प्रारंभ होता है। इस दौरान धार्मिक कार्यों से बचा जाना उचित माना जाता है।
- ग्रहण समाप्ति पर स्नान और पूजा—धार्मिक एवं पवित्र परंपरा का हिस्सा—की जाती है।
- धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रहण के बाद दान करने और ज़्यादा धार्मिक अभ्यावेदन (जैसे मंत्र जाप) करने से जीवन में लाभ होने की बात मानी जाती है।
- गर्भवती महिलाएं विशेष रूप से सावधान रहें—विश्राम, आराम, और उचित देखभाल पर ज़ोर है।
संक्षेप सारणी
| विषय | विवरण |
|---|---|
| चंद्रग्रहण समय | 7–8 सितंबर 2025, ~8:58 PM से 1:26 AM (पूर्णता 11:00–12:22 AM) |
| दृश्यता | भारत के सभी क्षेत्रों से स्पष्ट |
| वैज्ञानिक महत्व | पृथ्वी की छाया और वायुमंडलीय प्रभाव (Red Moon) |
| धार्मिक संदर्भ | पितृपक्ष, सूतक काल, पूजा और दान की प्रथा |
| देखने के सुझाव | खुले क्षेत्र, ट्राइपॉड, फोन/कैमरा टिप्स |
| सावधानियाँ | गर्भवती के लिए विशेष सुझाव, दान, मंत्र और पूजा आवश्यक |
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