You are currently viewing होलिका दहन 2025: तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, कथा और महत्व | Holika Dahan Kab Hai?

होलिका दहन 2025: तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, कथा और महत्व | Holika Dahan Kab Hai?

होली का त्यौहार भारत में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है और इसका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है होलिका दहन। यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। होलिका दहन 2025 में कब होगा? इसका शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, कथा और महत्व क्या है? इन सभी सवालों के जवाब आपको इस ब्लॉग में मिलेंगे।


होलिका दहन 2025: कब है? (Holika Dahan Kab Hai 2025)

होलिका दहन 2025 की तिथि 13 मार्च 2025 (गुरुवार) को है। यह होली से एक दिन पहले मनाया जाता है। इस दिन लोग लकड़ियों और उपलों का ढेर बनाकर अग्नि जलाते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।

होलिका दहन 2025 का शुभ मुहूर्त (Holika Dahan 2025 Shubh Muhurat)

शुभ मुहूर्त: रात 11:26 बजे से 12:30 बजे तक रहेगा।
भद्रा काल: शाम 6:57 बजे से 10:22 बजे तक रहेगा, इस दौरान होलिका दहन नहीं करना चाहिए।
भद्रामुख: रात 8:14 से 10:22 बजे तक, इसमें भी दहन करना अशुभ माना जाता है।

होलिका दहन 2025: तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, कथा और महत्व


होलिका दहन की कथा (Holika Dahan Ki Katha)

होलिका दहन की कहानी भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप से जुड़ी हुई है। हिरण्यकश्यप एक दानव राजा था, जिसे अपनी शक्ति पर बहुत अहंकार था। उसने अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति करने से रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन प्रह्लाद डरा नहीं।

हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को बुलाया, जिसे वरदान था कि आग उसे जला नहीं सकती। उसने प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठने को कहा, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से होलिका जल गई और प्रह्लाद बच गए। यही कारण है कि होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।

होलिका दहन 2025 की पूजा विधि (Holika Dahan 2025 Ki Pooja Vidhi)

होलिका दहन की पूजा सही तरीके से करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। यहां होलिका दहन करने की सही विधि दी गई है:

  1. होलिका पूजन: सबसे पहले किसी शुभ स्थान पर लकड़ियों और उपलों का ढेर लगाएं।
  2. गंगाजल से शुद्धिकरण: पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें।
  3. हल्दी-कुमकुम: लकड़ियों पर हल्दी, कुमकुम और फूल चढ़ाएं।
  4. कथा वाचन: होलिका दहन की कथा पढ़ें और उसमें प्रहलाद और होलिका की कहानी सुनें।
  5. अग्नि प्रज्वलन: सही समय पर होलिका में अग्नि प्रज्वलित करें और भगवान की आराधना करें।
  6. परिक्रमा: परिवार के सभी सदस्य होलिका की सात बार परिक्रमा करें और उसमें तिल, गुड़ और नारियल चढ़ाएं।



होलिका दहन का महत्व (Holika Dahan Ka Mahatva)

  • बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
  • नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
  • घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
  • स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।



निष्कर्ष

होलिका दहन 2025 को सही मुहूर्त और विधि से करने से शुभ फल मिलता है। यह त्योहार हमें सिखाता है कि चाहे कितनी भी बुराई हो, अंत में जीत हमेशा सच्चाई और भक्ति की ही होती है। इस होली 2025 पर आप भी होलिका दहन की पूजा विधि को अपनाएं और अपने जीवन में सकारात्मकता लाएं।

Leave a Reply